Thursday, January 29Ujala LIve News
Shadow

आयुर्वेदीय जीवनशैली स्वस्थ भारत की आधारशिला – डॉ जी एस तोमर

आयुर्वेदीय जीवनशैली स्वस्थ भारत की आधारशिला – डॉ जी एस तोमर

राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर में पीजी ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के पीजी ऑरिएण्टेशन प्रोग्राम में विश्व आयुर्वेद मिशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो.(डॉ.) जी एस तोमर ने बतौर अतिथि वक्ता नवप्रवेशित स्नातकोत्तर छात्रों का स्वागत किया एवं उद्बोधन दिया । कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो.(वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ला के मुख्य संरक्षकत्व एवं संस्थान के प्राचार्य/निदेशक प्रो.(डॉ.) चंदन सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ । प्रारम्भ में डॉ ख़ुशबू कुमावत ने डॉ तोमर का अभिनंदन कर उनका परिचय कराया एवं कार्यक्रम का संचालन किया । डॉ तोमर ने अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य के वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में आयुर्वेद की भूमिका को विस्तृत रूप से रेखांकित किया । आयुर्वेद की महत्ता एवं प्रासंगिकता विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि आयुर्वेद विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा विधा है । विज्ञान एवं तकनीक के बढ़ते हुए कदमों ने एक ओर जहाँ नए नए अविष्कारों से जीवन को सरल एवं सहज बनाने का प्रयास किया है वहीं बदली हुई आरामतलब जीवनशैली ने अनेक नए रोगों को भी जन्म दिया है । विश्व स्वास्थ्य संगठन का ध्यान आज संक्रामक रोगों से हटकर इन्हीं जीवनशैली जन्य रोगों की तरफ आकृष्ट हो रहा है । इनके बचाव एवं उपचार में मात्र आयुर्वेद ही सक्षम एवं सर्वश्रेष्ठ विधा है । यही कारण है कि आयुर्वेद आज और अधिक प्रासंगिक एवं प्रभावी विधा के रूप में पुनर्स्थापित हो रहा है ।आयुर्वेदीय जीवनशैली स्वस्थ भारत की आधारशिला है । उन्होंने कहा हज़ारों वर्ष पूर्व महर्षियों ने अपनी तपो साधना से जिस जीवनशैली का वर्णन किया है वह आज के परिदृश्य में भी अत्यंत व्यावहारिक, वैज्ञानिक एवं लाभकारी है । डॉ तोमर ने कहा कि आयुर्वेद एक तरफ जहाँ स्वास्थ्य संरक्षण के लिए सर्वोत्तम विधा है वहीं जीवनशैली जन्य रोगों के लिए संजीवनी । यही नहीं जीर्ण एवं कष्ट साध्य रोगों की चिकित्सा में आयुर्वेद एक अप्रतिम एवं प्रभावी चिकित्सा है । विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सकों के कैरियर की अपार संभावनाओं की जानकारी देते हुए डॉ तोमर ने वैश्विक परिदृश्य में आयुर्वेद की बढ़ती हुई लोकप्रियता एवं सम्भावनाओं की जानकारी साझा की । इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ गोविन्द गुप्ता, उप अधीक्षक डॉ ब्रह्मानंद शर्मा, प्रो हरीश सिंघल, प्रो दिनेश शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक डॉ सौरभ अग्रवाल के साथ स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *