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भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती धूमधाम से मनाई गई 

भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती धूमधाम से मनाई गई 

प्रयागराज अखिल भारतीय मालवीय सभा, प्रयागराज के द्वारा भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय जी की 164वीं जयंती का भव्य आयोजन मालवीय जयंती के रूप में किया गया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य पूर्व नगर प्रमुख डॉ‌. के. पी. श्रीवास्तव ने महामना की जयंती के अवसर पर महामना के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा सनातन के विचारक एवं महान वक्ता थे। विशेष वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता केदार नाथ कुमार ने महामना मालवीय के शिक्षा क्षेत्र में अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने न केवल वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की, बल्कि इलाहाबाद सहित अनेक शिक्षण संस्थानों की भी नींव रखी। उन्होंने महामना को विलक्षण बुद्धि वाला, निर्भीक पत्रकार बताते हुए कहा कि वे बिना किसी भय या प्रलोभन के सत्य पत्रकारिता करते थे और एक महान समाजसेवी व युगदृष्टा थे।

मुख्य वक्ता एवं कार्यक्रम की अध्यक्ष पूर्व महापौर श्रीमती अभिलाषा गुप्ता ने कहा कि महामना मालवीय एक प्रकांड विद्वान थे, जिनकी संस्कृत, हिंदी एवं अंग्रेजी पर समान पकड़ थी। वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे, किंतु अपने धर्म-कर्म के प्रति पूर्णतः समर्पित थे।

हरि मालवीय ने अपने वक्तव्य में कहा कि महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से लौटने के पश्चात स्वतंत्रता आंदोलन में सहभागिता हेतु सर्वप्रथम महामना मालवीय से मार्गदर्शन प्राप्त किया था और उनका अत्यंत सम्मान करते थे।

अशोक कुमार मालवीय ने महामना के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे सन्त स्वभाव के व्यक्ति थे, अत्यंत दयालु थे तथा समाज सेवा को ही अपना धर्म मानते थे। इतने विशाल विश्वविद्यालय की स्थापना करने के बावजूद उन्होंने अपने परिवार के किसी भी सदस्य को उसका लाभ नहीं उठाने दिया। हिंदूवादी छवि के बावजूद मुस्लिम समाज सहित सभी धर्मों में उनकी समान स्वीकार्यता थी।

इस अवसर पर आकाशवाणी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हरि मालवीय जी को “मालवश्री सम्मान” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन
मृदुल मालवीय ने किया। संस्कृत के प्रख्यात विद्वान पंडित बटुक नाथ मालवीय एवं मुकुल मालवीय के द्वारा वेदपाठ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम में शुभ्रा मालवीय के द्वारा गणेश वंदना नृत्य, अंजली मालवीय द्वारा सरस्वती वंदना एवं प्राची मालवीय के द्वारा,अनिरुद्ध मालवीय के द्वारा भाषण प्रस्तुत किया गया।“संस्कार संस्करण” जो की रोहित मालवीय के द्वारा संकलित पुस्तिका का विमोचन अतिथियों के द्वारा किया गया।

समारोह में समाज के 8 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतिभा सम्मान राशि से एवं 3 मेधावी छात्र-छात्राओं को विद्या प्रोत्साहन राशि तथा 5 छात्रों को प्रतिभा सम्मान पुरस्कार प्रदान किए गए। धन्यवाद ज्ञापन प्रखर मालवीय द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में दीपक दुबे, मृदुल मालवीय, पूनम मालवीय, विभा मालवीय, गोपाल जी मालवीय, रोहित मालवीय, प्रखर मालवीय,डॉ. हरिश्चंद्र मालवीय, पत्रकार आलोक मालवीय, पुनीत मालवीय,शिव जी मालवीय, हरिओम मालवीय संजय मालवीय, राजेश मालवीय एवं पूर्व पार्षद ओपी द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिताशअ कर कार्यक्रम को सफल बनाया।इससे पूर्व सभा के कार्यालय में मेयर गणेश केसरवानी के द्वारा महामना के चित्र पर माल्यार्पण किया गया इसके साथ ही हिन्दू हॉस्टल चौराहे पर महामना की मूर्ति पर माल्यार्पण कर महामना के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया.

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