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4 हत्या कांड की मिस्ट्री 24 घंटों के अंदर सुलझी,खून ने किया खून का क़त्ल

4 हत्या कांड की मिस्ट्री 24 घंटों के अंदर सुलझी,खून ने किया खून का क़त्ल

 

उसके बाद रुपयों के लिए दोस्त ने की आपने दोस्त की हत्या

प्रयागराज थाना कोतवाली कमिश्नरेट प्रयागराज में हुई एक ही परिवार के 04 लोगों की निर्मम हत्या का पुलिस टीम द्वार खुलासा करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार। कब्जे से आला कत्ल एवं लूटे गए डेढ़ करोड़ के गहने पुलिस ने बरामद किया है। नगर एसओजी टीम व सर्विलांस की संयुक्त टीम द्वार सनी की निशादेही पर उसकी दुकान के ऊपर बने बारजे लोहे का पाइप व लूट के जेवरात बरामद किये गये।

पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने बताया कि मंजीत केसरवानी जो कि कीटगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है थाना कोतवाली पर लिखित तहरीर दी गयी कि उसके मामा वीरेन्द्र वैश्य का मकान पिछले 02 दिन से बंद पड़ा है तथा घर के अन्दर से बदबू आ रही है। जिसकी सूचना 112 पर दी गयी। मौके पर पुलिस आने के उपरांत घर का ताला तोड़ा गया तो मामा वीरेन्द्र वैश्य मामी अनीता वैश्य ममेरी बहन मीनाक्षी वैश्य के शव घर के अन्दर पड़े थे तथा ममेरे भाईअभिषेक वैश्य का शव नीचे दुकान के अन्दर पड़ा था।

पुलिस कमिश्नर सहित सभी अधिकारी वहां पर पहुंच गए फॉरेंसिक टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तो कॉम्प्लेक्स के ऊपरी हिस्से में स्थित आवास में एक कमरे में वीरेन्द्र वैश्य व उसकी पत्नी अनीता वैश्य का शव उनके पलंग पर पड़ा हुआ था। दोनों शवों के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था तथा उसी आवास की सीढ़ियों के पास बेटी मीनाक्षी वैश्य का शव पड़ा था जानकारी प्राप्त हुई कि इनके साथ इनका बेटाअभिषेक वैश्य भी रहता था जिसको वीरेन्द्र वैश्य द्वारा अपनी सम्पत्ति से बेदखल कर दिया गया था मकान के निचले हिस्से में बनी मार्केट में एक दुकान वीरेन्द्र वैश्य द्वारा अपनेबेटे अभिषेक वैश्य को दी गयी थी जिसमें वो वेस्टीज कम्पनी के लिक्विड डिटर्जेंट व ट्वायलेट क्लीनर बेचता था। सम्पत्ति बेदखली को लेकर पिता पुत्र का विवाद होता रहता था। पुलिस ने जबशवों को बरामद किया तो इनपर डिटर्जेंट व ट्वायलेट क्लीनर डाला गया था तथा जांच के दौरान घटनास्थल पर पानी के ड्रम में अभिषेक वैश्य की खून से लथपथ टीशर्ट भी बरामद हुई थी। जिससे यह माना जा रहा था कि अभिषेक के माता पिता व बहन की हत्या उसी के द्वारा की गयी है।

इसी आधार पर अभिषेक की दुकान का ताला तोड़ा गया तो अभिषेक का शव भी उसकी दुकान में मिला जिसके ऊपर भी डिटर्जेंट डाला गया था। शव मिलने के बाद सीसीटीवी व सर्विलांस की मदद ली गयी तो पाया कि एक व्यक्ति मृतक वीरेन्द्र वैश्य के जूते व कपड़े पहनकर कॉम्प्लेक्स से बाहर जाता दिखाई दिया जिसके बारे में आसपास पता किया तो लोगों ने बताया कि इसका नाम सनी गुप्ता है जो कि इसी परिसर में नीचे समोसे की दुकान लगता है पुलिस ने जब इस योग गिरफ्तार कर गहनता से पूछताछ की तो

सनी ने बताया गया कि वीरेन्द्र वैश्य की मार्केट में बाहर की तरफ मेरी समोसे की दुकान है तथा उसके लड़के अभिषेक की उसी मार्केट में Vestige की दुकान है तथा एक दुकान गिफ्ट सेन्टर की है जिसको अभिषेक की बहन मीनाक्षी चलाती है। इसी मार्केट के ऊपर इन सभी का रहने का मकान है। मेरी व वीरेन्द्र वैश्य के पुत्र अभिषेक वैश्य की अच्छी दोस्ती है तथा हम लोग एक साथ बैठकर खाते पीते है। दिनांक 31 मई कोअभिषेक ने मुझसे कचौड़ी, बीयर व सिगरेट लाकर पार्टी करने को कहा तो मै सारा सामान लेकर लगभग 3 बजेवीरेन्द्र वैश्य की मार्केट में बनी अभिषेक की दुकान पर पहुंचा वहीं पर हम दोनों नें कचौड़ी खायी व बीयर पी। अभिषेक कर्ज में दबा था उसका पिता वीरेन्द्र उसको पैसे नहीं देता था तथा 2022 में वीरेन्द्र वैश्य ने अपने पुत्र अभिषेक को सम्पत्ति से बेदखल भी कर दिया था। हम दोनों नें सबको मारकर गहने चोरी करने का प्लान बनाया। ठीक 5 बजे रोजाना की तरह अभिषेक की बहन मीनाक्षी नीचे आकर गिफ्ट की दुकान खोलने आयी। वह जैसे ही शाम दुकान खोलने आयी और जीने का दरवाजा खोला वैसे ही अभिषेक में रॉड से उसके सिर पर मारा तथा मैने धक्का दिया। दोनो उसे घसीटते हुए ऊपर ले गये तथा सीढ़ी पर छोड़ दिया। वह वहीं मर गयी। उसके बाद हम ऊपर गये जहां पर हमने अभिषेक के मां-बाप को भी रॉड से हमला कर मार दिया। हम लोगों ने अलमारी खोली, अलमारी के सारे कपड़े मृतकों के ऊपर डाल दिये। इसके बाद अभिषेक ने लाल पेन से एक दफ्ती पर लिख दिया कि “बंटी बबली बहू ने मारा” ताकि घटना का सारा इल्जाम अभिषेक के भाई अश्विनी व पत्नी रीतू पर लग जाये क्योंकि उन्हें ही बंटी-बबली के नाम से जाना जाता है। फिर अभिषेक ने रसोई के पीछे पानी की टंकी में वह पेन, सारी फाइल, कपड़े, लैपटॉप और मोबाइल डाल दिया, फिर हम सारा जेवरात लेकर नीचे दुकान में आये। अभिषेक मुझे 5 चूड़ी व 1 हार दे रहा था इसी बटवारे को लेकर मेरा उससे विवाद हो गया। लालच में आकर मैंने अभिषेक को भी उसी लोहे की रॉड से मार कर हत्या कर दी, फिर मैंने अभिषेककी दुकान से डिटर्जेंट पाउडर हारपिक, ब्लीचिंग पाउडर, रसोई से हल्दी व सरसों का तेल सभी शवों ताकि सारे सबूत मिट जाएं इसके बाद पानी गर्म कर विसर्जन डिटर्जेंट पाउडर में सफाई कर दी और सारे जेवरात जो बैग से भरे हुए थे उनको अपनी दुकान के बजे के ऊपर रख दिया आरोपी ने बताया कि उसने वीरेंद्र व्यास के जूते व कपड़े पहले थे इसीलिए मैं वापस घटनास्थल पर गया और अपनी चप्पल पहन कर बाहर आया ताकि कोई शक ना कर सके इस पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर ने साउथ मलाका चौकी प्रभारी और कोतवाली एसएसई को निलंबित कर दिया है ।

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