*राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ ‘जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है’ पुस्तक का लोकार्पण हुआ*

नई दिल्ली। सुरुचि प्रकाशन के तत्वावधान में शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित विचार विनिमय न्यास सभागार, केशव कुंज, झंडेवाला में लेखक चंद्रशेखर पटेल जी द्वारा लिखित पुस्तक जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है पुस्तक का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा और राष्ट्र जीवन से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी, शिक्षाविद् और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया गया तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ प्रवेश कुमार राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिंदू परिषद ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा शक्ति पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने पुस्तक को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि इस प्रकार का साहित्य राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय सह-सेवा प्रमुख श्री राजकुमार मटाले जी ने कहा कि भारत की संस्कृति सेवा, समर्पण और संस्कारों पर आधारित है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में अनुशासन, सेवा और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दें। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए विचार और व्यवहार दोनों का मजबूत होना आवश्यक है तथा ऐसी पुस्तकें नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करती हैं।
पुस्तक के लेखक एवं समाजसेवी इंजी. चंद्रशेखर पटेल जी ने पुस्तक लेखन की प्रेरणा को साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करता है। उन्होंने कहा कि भारत का अमृतकाल तभी सार्थक होगा, जब युवा अपने ज्ञान, ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र और समाज के हित में करेंगे। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन में सहयोग देने वाले सभी साथियों और पाठकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने पुस्तक की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में ऐसे साहित्य की आवश्यकता है जो युवाओं को केवल सफलता का मार्ग न दिखाए, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र सेवा के प्रति भी प्रेरित करे। उपस्थित अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक युवाओं के बीच नई चेतना का संचार करेगी।
कार्यक्रम में सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली तथा प्रबंधक निदेशक रजनीश जिन्दल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और प्रकाशन की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुरुचि प्रकाशन निरंतर ऐसे साहित्य के प्रकाशन के लिए प्रतिबद्ध है, जो समाज में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करे।
समारोह के अंत में अतिथियों ने पुस्तक की प्रतियों का अवलोकन किया तथा लेखक को सफल प्रकाशन के लिए शुभकामनाएं दीं। पुस्तक हस्ताक्षर सत्र में बड़ी संख्या में पाठकों ने लेखक से संवाद किया और पुस्तक प्राप्त की। पूरा आयोजन राष्ट्रभक्ति, साहित्य और सामाजिक चेतना के वातावरण से ओतप्रोत रहा तथा उपस्थित लोगों ने इसे एक प्रेरक और यादगार कार्यक्रम बताया।
श्री राजकुमार मटाले
अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)
इंजी. चंद्रशेखर पटेल
पुस्तक लेखक एवं समाजसेवी
डॉ. प्रवेश कुमार
लेखक एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता (विहिप)
श्री अंकुर पाठक
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सुरूचि प्रकाशन)
डॉ. एन प्रदीप शर्मा सीनियर एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट दिल्ली)
डॉ. ए.डी.एन वाजपेयी
पूर्व कुलपति
टीकाराम पटेल
प्रतीक पटेल
निलेश गिरी गोस्वामी
राहुल सिंह पटेल
दीपक ठाकरे
डॉ. नीरज कर्ण सिंग
सुश्री प्रकृति शर्मा
