धन्वंतरि जयंती समारोह का अयोजन

रिपोर्ट:अनुराग अस्थाना
भारत आयुर्वेद से ही बनेगा विश्व गुरु- प्रो जी सी त्रिपाठी
विश्व आयुर्वेद मिशन एवं राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावाधान मे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस एवं धन्वन्तरि जयंती समारोह का
आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रोफेसर डॉ जी एस तोमर, अध्यक्ष, विश्व आयुर्वेद मिशन ने किया। इस अवसर पर भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना किया गया। मुख्य अतिथि प्रो जी सी त्रिपाठी, अध्यक्ष उच्च शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्वलित एवं भगवान धन्वंतरी को माल्यार्पण करके किया । इस अवसर पर “हर दिन हर घर आयुर्वेद” विषय पर संगोष्ठी की गई। जिसमें सभा को संबोधित करते हुए प्रोफेसर जी सी त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय मनीषियों ने वसुधैव कुटुंबकम की भावना से कार्य किया।स्वतंत्रता एवं प्रभुता को लंबे समय तक बचाए रखने के लिए हमेंआयुर्वेद विधा को हर घर तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
अपने अध्यक्षीय उद्वोधन में प्रो जी एस तोमर ने कहा कि कोरोना काल में सभी ने आयुर्वेद को अपनाया है । हम सभी का कर्तव्य है कि उत्तम स्वास्थ्य के लिये आयुर्वेद को अपने जीवन से जोड़े, ऐसा करने से हमें स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की प्राप्ति होगी। उन्होने कहा कि धन्वंतरि को आयुर्वेद के जनक के रूप में याद किया जाता है। वह आरोग्य के देवता के रूप में पूजे जाते हैं । उन्होने कोरोना काल में चिकित्सकों द्वारा किये गये सेवा कार्य के लिये उनकी प्रशंसा की । तथा उम्मीद जताई कि पीड़ित मानवता की सेवा में वह समर्पित भावना से कार्य कर आयुर्वेद चिकित्सा की सार्थकता को सिद्ध करेंगे । ताकि कोई भी गरीब व्यक्ति इलाज के अभाव में दम न तोड़ सके । उन्होने आयुर्वेद दिवस के महत्व बताते हुये कहा कि पहला सुख निरोगी काया अर्थात हमें सबसे पहले अपने उत्तम स्वास्थ्य पर ध्यान देना है । उन्होने कहा कि 75 प्रतिशत से अधिक बीमारियाँ हमारी गलत जीवनशैली की वजह से होतीं हैं । हमें इन बीमारियों पर नियंत्रण करने के लिये आयुर्वेद को अपनाते हुये इसमें बताये गये स्वस्थ जीवन के नियमों का पालन करना चाहिये ।
डा प्रेम शंकर पाण्डेय ने बताया कि जीवन के तीन उपस्तम्भ आहार, निद्रा एवं ब्रह्मचर्य को नियंत्रित कर मनुष्य स्वस्थ रह सकता है।
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की पूर्व शोध अधिकारी डा शांति चौधरी ने कहा कि आयुर्वेद मे बताई दिनचर्या ऋतुचर्या, स्वस्थ जीवनशैली जैसी महत्वपूर्ण बातें हमे अनेक बीमारियों से बचाती हैँ।आज हम टीवी तथा मोबाइल में अधिक समय तक व्यस्त रहते हैं, जिससे अनिद्रा, तनाव एवं पाचन संबंधित रोग उत्पन्न होने की संभावना बढ़ती है।
मां शारदा हॉस्पिटल के डायरेक्टर डा राजकिशोर अग्रवाल ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति का अपना महत्व आज भी है, यह वो ज्ञान है जिससे हमारे पूर्वज स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते रहे हैं।
इस अवसर पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कौशाम्बी डा अनीता सिंह, आरोग्य भारती प्रयागराज अध्यक्ष डा प्रकाश खेतान ने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर आयुर्वेद के प्रचार प्रसार मे उत्कृष्ट कार्यों के लिए वैद्य बेनीराम बंसल, डा प्रेम शंकर पाण्डेय, वैद्य अमरनाथ त्रिपाठी, डा विवेक सिंह, डा बी एम त्रिपाठी, डा अवनीश पाण्डेय , डा धर्मेंद्र कुमार, वैद्य दयानाथ द्विवेदी, डा आशुतोष मालवीय, डा संजीव सक्सेना , डा संजय त्रिपाठी को “आयुर्वेद गौरव” सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डा अवनीश पाण्डेय द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डा भरत नायक, डा विनोद गौड़, डा जी के सिंह, डा हजारी लाल, डा श्वेता सिंह, डा आशीष त्रिपाठी, डा हेमंत सिंह, डा एम डी दुबे, डा आर के सिंह, श्री अनुराग अष्ठाना एवं अनेक चिकित्सक तथा गणमान्य उपस्थित रहे।
