प्रयागराज माघ मेले में स्व. डॉ उत्तम चंद शास्त्री पाठक जन्मशताब्दी दो दिन की कार्यशाला सम्पन्न

रिपोर्ट:अचार्य श्री कांत शास्त्री
युवा पीढ़ी संस्कृत के महान् मनीषियों, कवियों एवं उनकी रचनाओं से परिचित हों : कृषि मंत्री, अरुणाचल प्रदेश
प्रयागराज में स्व. डॉ उत्तम चंद शास्त्री पाठक जन्मशताब्दी दो दिन की कार्यशाला सोमवार को सम्पन्न हुई,कार्यक्रम के अध्यक्ष परम श्रद्धेय गोवर्धन पुरी के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अधोक्षजानंद देव तीर्थ जी थे। इस अवसर अधोक्षजानंद देव तीर्थ जी ने कहा कि कहा कि संस्कृत सभी भाषाओँ की जननी है,इसलिए समाज में इसकी स्वीकार्यता पर बल देना चाहिए। समाज में संस्कृत भाषा को समझने एवं संस्कृत अध्ययन के लिए सभी को प्रेरित करने की इस समय जरूरत है। इससे संस्कृत में संकलित वैज्ञानिक तथ्यों से समाज एवं राष्ट्र का समेकित विकास होगा। स्वर्गीय डॉ उतम चंद शास्त्री पाठक जी के बिना संस्कृत जगत अधूरा है।
इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्री टैग ताकि जी ने समाज से आग्रह करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी संस्कृत के महान् मनीषियों, कवियों एवं उनकी रचनाओं से परिचित हों, इसके लिए आवश्यकता है कि संस्कृत के बड़े बड़े विद्वान इसके उत्थान और विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।
चूड़ामणि संस्कृत संस्थान के मुख्य न्यासी शक्ति पाठक ने कहा वाल्मीकि, माघ, भारवि , कल्हण,कालिदास,विल्हण,आदि संस्कृत के विद्वानों के योगदान से समाज को परिचित होना चाहिए जिन्होंने संस्कृत के विकास तथा कल्याण के लिए अपना समस्त जीवन समर्पित कर दिया।उनके पदचिन्हों पर चलकर समाज में मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना की जा सकें। जम्मू कश्मीर की भूमि शैव दर्शन का सनातन केंद्र रही है । इसी पावन पवित्र भूमि पर प्रत्यभिज्ञादर्शन के संस्थापक आचार्य अभिनवगुप्त , महाकवि कल्हण,महाकवि विल्हण,एवं अनेक प्राचीन संस्कृत मनीषियों का उद्भव हुआ है । जिन आचार्यों ने अपने कर्मरूपी तप से न केवल भारतवर्ष को अपितु संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरोने का मार्गप्रशस्त किया था।
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के प्रधान महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को प्रदेश एवं राष्ट्र संस्कृति संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए।क्योंकि जो राष्ट्र सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होता है वो मानवीय मूल्यों से ओतप्रोत माना जाता है। इसलिए मै युवापीढ़ी से आह्वाहन करता हूँ कि वे संस्कृत के लिए जम्मू कश्मीर में जो कार्य स्वर्गीय डॉ उत्तम चंद शर्मा जी ने किया है उनका युवाओं को अनुकरण करना चाहिए।
सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी जम्मू कैंपस के डायरेक्टर प्रो मदन मोहन झा ने कहा कि संस्कृत भारत को अच्छी तरह समझने का एक विचार है भारत को श्रेष्ठ भारत बनाने के लिए संस्कृत को जन जन तक लेकर जाना होगा।
कार्यक्रम के अंत में शक्ति पाठक, महंत रोहित शास्त्री, प्रो मदन मोहन झा, आचार्य अभिषेक को अपने अपने क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बसहोली नगरपालिका अध्यक्ष सुमेश सपोलिया, डॉ संजय शर्मा, जगदीश राज, दविंद्र शर्मा, उत्तम चंद शर्मा, आचार्य अभिषेक , दीपक खजुरियाआदि के साथ ट्रस्ट के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
