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शोध छात्रों के लिए मुविवि में 10 दिवसीय शोध प्रविधि पाठ्यक्रम

शोध छात्रों के लिए मुविवि में 10 दिवसीय शोध प्रविधि पाठ्यक्रम

रिपोर्ट:कुलदीप शुक्ला

कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने किया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक का शुभारंभ UP राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के समाज विज्ञान विद्याशाखा के तत्वावधान में भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा अनुदानित दस दिवसीय शोध प्रविधि पाठ्यक्रम 20 फरवरी से 02 मार्च 2023 तक आयोजित किया जाएगा। शोध-प्रविधि पाठ्यक्रम में पंजीकरण के लिए लिंक का शुभारंभ कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने किया।

कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर शोध प्रविधि कार्यशाला में देश के प्रख्यात शिक्षाविद एवं विषय विशेषज्ञों का संबोधन होगा। जिसका लाभ 10 दिनों तक सुयोग्य शोधार्थियों को मिलेगा। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि उक्त पाठ्यक्रम में देश एवं प्रदेश के विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों के आचार्य विषय-विशेषज्ञ के रूप में अपना व्याख्यान देंगे। यह कार्यक्रम पी-एच.डी. शोध छात्रों एवं अन्य शोधार्थियों के लिए विशेष लाभकारी होगा।
पाठ्यक्रम के निदेशक डॉ आनन्दानन्द त्रिपाठी ने बताया कि पाठ्यक्रम के अंतर्गत कुल 30 तकनीकी सत्रों का संचालन किया जाएगा, जिसमें उपस्थित शोधार्थियों के लिए सामाजिक विज्ञान में शोध की विभिन्न तकनीकों का प्रयोग सिखाने के साथ-साथ सामाजिक विज्ञान में शोध के क्षेत्र में किए गए विभिन्न नवाचारों पर प्रकाश डाला जाएगा।
सह पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. त्रिविक्रम तिवारी ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में देश भर से कुल 30 शोध छात्र लिए जाएंगे। उक्त शोध प्रविधि पाठ्यक्रम 20 फरवरी से 02 मार्च 2023 तक समाज विज्ञान के एम.फिल. पी-एच.डी एवं पी.डी.एफ. शोधार्थियों के लिए होगा। उन्हें शोध के विभिन्न आयामों की जानकारी के साथ ही एक दिन का फील्ड-वर्क भी कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट यूपीआरटीओयू डॉट इन पर ऑनलाइन लिंक उपलब्ध करा दिया गया है। सभी शोध छात्र लिंक पर क्लिक करके अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इससे संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। कार्यक्रम में प्रोफेसर एस कुमार, प्रोफेसर जी एस शुक्ल, डॉ आनंदानंद त्रिपाठी, डॉ दिनेश सिंह, डॉ त्रिविक्रम तिवारी, डॉ सुनील कुमार एवं डॉ दीपशिखा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

 

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