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जी एस टी ग्रीवांस रेडर्सल कमेटी में उठाए मुद्दे

जी एस टी ग्रीवांस रेडर्सल कमेटी में उठाए मुद्दे

केंद्र सरकार द्वारा GST और व्यापारियों के मध्य संवाद और सहयोग स्थापित करने के लिए 38वी जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में एक कमेटी के गठन का प्रस्ताव किया था।

यह कमेटी प्रत्येक राज्य के सीजीएसटी कमिश्नर के कोचेयरमैन में राज्य जीएसटी के साथ काम करना है।

उत्तर प्रदेश की ग्रीवांस रेडर्सल कमेटी की द्वितीय बैठक आज 3 फरवरी को *लखनऊ* स्थित जीएसटी भवन पर हुई।

इस बैठक में व्यापारीयों के प्रतिनिधि के रूप में नामित सदस्य महेन्द्र गोयल द्वारा व्यापारी हित के मुद्दों को कमेटी के समक्ष उठाया गया।

महेन्द्र गोयल ने कहाकी वर्ष 2017-18, 18-19 के मिसमैच की नोटिस व्यापारियों को आ रही है जोकि कहीं से उचित नहीं है। इन दोनो वर्ष में व्यापारी के पास खरीद के मिलान के लिए कोई तरीका नहीं था।

जीएसटी पोर्टल की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि ई इनवॉइस बनाते समय कैंसिल/सस्पेंड जीएसटी नंबर पर भी इनवॉइस बन जाती है। और GSTR 1 भरते समय पोर्टल एरर दिखाता है। इतना ही नहीं पूरे वित्तीय वर्ष का GSTR 2 A/B नहीं डाऊनलोड होता है जिससे पूरे वर्ष के मिलान के लिए मासिक/ त्रैमासिक विवरण डाऊनलोड कर मिलाना होता है, जो बहुत ही दुष्कर है। नए रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल अपलोड करने की साइज बहुत कम है।

आगे कहाकि एडवांस रूलिंग के तहत हर राज्य के द्वारा अलग अलग व्याख्या कर एडवांस रूलिंग की जा रही है जिससे विवाद बड़ रहा है।

वर्ष में एक बार GSTR 3B और GSTR 1 को संशोधित करने की सुविधा देने की मांग रखी।

गाड़ी में एक या दो व्यापारी के इनवॉइस में गड़बड़ी होने पर अन्य व्यापारी के माल सहित पूरी गाड़ी को सीज कर देना अनुचित है।

राज्य जीएसटी कमिश्नर से कहाकि जांच की कार्यवाही के दौरान अधिकारियों द्वारा बिना बिल के साथ बिल वाले माल को भी सीज कर दिया जा रहा है। कमिश्नर ने कहाकि ऐसे केस की सूचना दीजिए कार्यवाही होगी।

स्थगित किए गए जीएसटी नंबर का रिवोक नहीं हो रहा है।

जीएसटी लागू हुए साढ़े पांच साल हो रह हैं। 1200 से अधिक संशोधन के कारण विभाग और व्यापारी के मध्य विवाद बड़ रहे हैं, इसके निपटान के लिए हर व्यापारी हाई कोर्ट नहीं जा सकता अतः कानून में प्रस्तावित ट्रिब्यूनल की स्थापना की जाए।

विक्रेता द्वारा रिटर्न दाखिल नहीं करने पर खरीदार के इनपुट टैक्स क्रेडिट को नहीं रोका जाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त अनेक व्यापारीयों से सम्बन्धित मुद्दों को कमेटी के समक्ष सभी सदस्यों द्वारा रखा गया।

जीएसटीएन नेटवर्क की तरफ से मौजूद राहुल सिंह ने पोर्टल से आ रही समस्याओं को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया।

सीजीएसटी एवं एसजीएसटी कमिश्नर ने कहाकि पॉलिसी सम्बन्धित विषय हम जीएसटी काउंसिल तक पहुंचाएंगे और स्थानीय समस्या का निदान त्वरित किया जाएगा।

 

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