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विश्व पुस्तक मेले में रामचरित मानस की रिकार्ड बिक्री, गीता प्रेस के स्टाल पर उमड़ी पुस्तक प्रेमियों की भीड़

विश्व पुस्तक मेले में रामचरित मानस की रिकार्ड बिक्री, गीता प्रेस के स्टाल पर उमड़ी पुस्तक प्रेमियों की भीड़

सोनभद्र के कई लेखकों की पुस्तकें विभिन्न स्टालों पर बनी आकर्षण की केंद्र

सोनभद्र। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में हिन्दू धर्म की पुस्तकों की काफी मांग देखी गयी , गीता प्रेस में सिर्फ एक ही दिन में 300 से ज्यादा रामचरितमानस की बिक्री हुई है, जबकि एक प्रति की कीमत आठ सौ रुपये है।
इस बार विश्व पुस्तक मेले की थीम आज़ादी का अमृत महोत्सव है। सोनभद्र के तीन लेखकों की स्वतंत्रता आंदोलन पर पुस्तकें भी विभिन्न प्रकाशकों के यहां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित स्वतंत्रता आंदोलन और सोनभद्र पर विजय शंकर चतुर्वेदी की पुस्तक प्रकाशन संस्थान व स्वतंत्रता आंदोलन और मिर्ज़ापुर पर डॉ जितेंद्र कुमार सिंह संजय की पुस्तक व स्वतंत्रता आंदोलन और भदोही पर श्वेता सिंह की पुस्तक वाणी प्रकाशन के स्टाल पर उपलब्ध है।
इनके अतिरिक्त सोनभद्र की ख्याति लब्ध गीतकार कवयित्री डॉक्टर रचना तिवारी की पुस्तक ‘मेरे गीत तुम्हीं से जन्मे’ सर्व भाषा ट्रस्ट के स्टाल पर लगी है जिसे साहित्य प्रेमी बड़ी ही उत्सुकता के साथ खरीदने के लिए आतुर दिख रहे हैं।
आज़ादी के अमृत महोत्सव के साथ साथ भारत द्वारा समूह 20 की अध्यक्षता और वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धान्त को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कटआउट के साथ एक सेल्फी प्वाइंट लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है जिसमें वे एक तरफ भगवदगीता को भेंट करने की मुद्रा में खड़े हैं, दूसरी तरफ आपको गीता को स्वीकार करते हुए फोटो खिंचवानी है। नेशनल बुक ट्रस्ट ने इस तरह के कई सेल्फी प्वाइंट बना रखे हैं, जिस पर विदेशी भी चित्र लेकर आनन्दित हो रहे हैं। इस सेल्फी प्वाइंट द्वारा हिन्दू ग्रंथ गीता के प्रति सिर्फ आकर्षण नहीं पैदा किया जा रहा बल्कि उसके कल्याणकारी व जीवन को प्रकाशित करने वाले सिद्धान्तों को आत्मसात करने का संदेश भी प्रसारित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री का यह संदेश कि पढ़ने से बड़ा कोई आनंद नहीं और ज्ञान से बड़ी कोई ताकत नहीं भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। लेखकों के प्रति शुभकामना व्यक्त करते हुए पीएम ने लेखकों को समाज का पथ प्रदर्शक और शिक्षक बताया है।
विश्व पुस्तक मेले में रूस, श्रीलंका, सऊदी अरब सहित कई देशों ने अपने देश की पुस्तकों के साथ प्रतिभाग किया है , लेकिन फ्रांस को अधिकृत रूप से मेले का पार्टनर बनाया गया है।
रविवार को पुस्तक मेले में रिकार्ड भीड़ उमड़ पड़ी, एक लाख से ज्यादा लोगों ने पुस्तकों के प्रति अपना प्रेम दिखाया । लेखक मंच और आथर कार्नर पर संगोष्ठियों और पुस्तकों के विमोचन के आयोजन भी लोगों के आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं।

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