दिल को छू गया नाटक चांद चांदनी चंदनिया,उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के द्वारा सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह में हुआ आयोजन

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के द्वारा सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह में थिएटर इन एजूकेशन के माध्यम से नाटक चांद चांदनी चंदनिया का मंचन हुआ। इस नाटक की प्रस्तुति कार्यशाला में प्रशिक्षित किए गए बालकों ने कुलदीप सिंह एवं कंचन सिंह के निर्देशन में दी। नाट्य प्रस्तुति मुंशी प्रेमचंद्र की कहानी बूढी़ काकी के प्रेरित है। नाटक जरिए हमारे समाज के अनछुए रूढिवादी प्रश्नों को उजागर किया गया है। पूरा नाटक एक बूढ़ी औरत के इर्दगिर्द घूमती है। यह जीवन के अंतिम पड़ाव के वक्त भी छोटी-छोटी चीजों के प्रति रुझान रखती है और उनको पाना चाहती है।
नाटक दमनकारी सामाजिक मानदंडों के सामने स्वतंत्रता और न्याय के लिए एक युवा लड़की के संघर्ष को बहुत ही मार्मिक और शक्तिशाली तरीके दर्शाता है। जिसमें वृद्धजनों के प्रति समाज में उपेक्षा की पनपती समस्या को स्वाभाविक ढंग से चित्रित किया गया निर्देशक कुलदीप सिंह ने समाज में स्त्री के साथ होने वाले जिस उपेक्षापूर्ण व्यवहार को उठाया है, वह अकेली इस नाटक के पात्र की ही नहीं अपितु समाज में न जाने ऐसे कितने लोग हैं। यह मौलिक प्रस्तुति प्रतिबिम्ब है हमारे समाज का जिसे अब बच्चे समझने लगे हैं। बाल कलाकारों के शानदार अभिनय को सभी दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर केंद्र के अधिकारी व कर्मचारी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
