समाज में धर्म की पुनर्स्थापना का बीड़ा उठाया स्वयं सिद्धा ने

रिपोर्ट-आलोक मालवीय
धर्म और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों और कुप्रभावों को लेकर स्वयं सिद्धा संस्था की सदस्यों ने मंथन किया।इस मंथन में स्वयं सिद्धा की चीफ पैट्रन आशा अस्थाना ने संस्था की सदस्यों को समाज में धर्म को न जानने से हो रहे कु प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया साथ ही संस्था की सदस्यों को धर्म के सुप्रभावों के बारे में रोचक जकारियाँ दी।आशा अस्थाना ने पुरुषोत्तम मास के बारे में बताते हुए सावन में शिव अर्चना के बारे में जानकारियां दी।

स्वयं सिद्धा के अध्यात्मिक खण्ड ” प्रज्ञा ” की प्रथम बैठक पूनम राय के निवास स्थान पर भाव विभोर करने वाले भक्ति पूर्ण वातावरण मे शिव स्तुति तथा वंदना के साथ प्रारंभ हुई।प्रज्ञा प्रवक्ता आशा अस्थाना ने अधि मास और खगोलीय घटना ,अंतरिक्ष से अंतर तक विषय पर उपयोगी ज्ञान वर्षा कर साधकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। आशा अस्थाना को पूनम राय, स्वयंसिद्धा की प्रेसिडेंट प्रीति अग्रवाल और प्रज्ञा निदेशक अल्पना सिंह ने सम्मान पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया।
काफी संख्या में प्रज्ञा के साधक उपस्थित रहे। पूनम,प्रीति, सुधा, अनिता ,सविता, उषा जैन विजया ,रूबी शानी का सहयोग रहा।आशा गुप्ता ,किरण, दीपा कविता ,रिद्धिता तथा अन्य बहुत से साधक उपस्थित रहे।प्रसाद वितरण व जलपान के बाद कार्यक्रम संपन्न हुआ।
