…”मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत”…
..."मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत"...
लेखिका जूही श्रीवास्तव
मन, जिसे हमारी अंतरात्मा भी कहा जाता है व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ,हमारी भावनाओं ,विचारों और क्रियाओ का केंद्र है।ये हमारे जीवन के हर पहलुओं पर मार्गदर्शन् करता है ।ये मन ही तो है जो जीवन में सुख और दुख का एहसास कराता है ।
हमारे मन और जीवन पर संगति का बहुत शीघ्र प्रभाव होता है। हमेशा तमोगुण और रजोगुण में रहने वाला व्यक्ति भी थोड़ी देर आकर सत्संगत में बैठ जाये तो उसमें भी सकारात्मक और सात्विक ऊर्जा का संचरण होने लगेगा।
मन की चेतना एक ऐसी उर्जा है जो पूरे दिन प्रवाहित होती रहती है। उसे जैसा परिवेश मिलेगा वह उसी में ढलने के लिए तैयार होने लगती है।आदमी पूरे दिन बदल रहा है। अच्छे आदमी से मिलकर अच्छे होने का सोचने लगता है तो बुरे आदमी से मिलकर बुरे होने के विचार आने लगते हैं।
अच्छाईयों का एक...









