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…”मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत”…

…”मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत”…

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..."मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत"... लेखिका जूही श्रीवास्तव मन, जिसे हमारी अंतरात्मा भी कहा जाता है व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ,हमारी भावनाओं ,विचारों और क्रियाओ का केंद्र है।ये हमारे जीवन के हर पहलुओं पर मार्गदर्शन् करता है ।ये मन ही तो है जो जीवन में सुख और दुख का एहसास कराता है । हमारे मन और जीवन पर संगति का बहुत शीघ्र प्रभाव होता है। हमेशा तमोगुण और रजोगुण में रहने वाला व्यक्ति भी थोड़ी देर आकर सत्संगत में बैठ जाये तो उसमें भी सकारात्मक और सात्विक ऊर्जा का संचरण होने लगेगा। मन की चेतना एक ऐसी उर्जा है जो पूरे दिन प्रवाहित होती रहती है। उसे जैसा परिवेश मिलेगा वह उसी में ढलने के लिए तैयार होने लगती है।आदमी पूरे दिन बदल रहा है। अच्छे आदमी से मिलकर अच्छे होने का सोचने लगता है तो बुरे आदमी से मिलकर बुरे होने के विचार आने लगते हैं। अच्छाईयों का एक...
“”गृहिणी”…सारा घर जिसका ऋणी””

“”गृहिणी”…सारा घर जिसका ऋणी””

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""गृहिणी"...सारा घर जिसका ऋणी"" लिखिका-जूही श्रीवास्तव आसान कहां है गृहिणी होना किताबे छोड़,गृहस्थी पढ़ना एक एक फुल्का गोल सेकना सहेलियां छोड़ दीवारों से बाते करना । पीला रंग उड़ाकर उनकी पसंद पहनना। हांथ की घड़ी उतार , खनकती चूड़ियां पहनना। कपड़ो के साथ सपने निचोड़ धूप में सुखाना अपनी फिक्र छोड़ सबकी सुनना । मैथ के सवाल करते करते अचानक दूध के हिसाब करना इतना आसान कहा है गृहिणी होना ........... पर तुम खुद को कम मत आंको गौरवान्वित हो .. क्योंकि तुम हो तो थाली में गर्म रोटी है । ममता की ठंडक है ,प्यार की ऊष्मा है। तुमसे ही तो घर में दिया बाती है .. घर लौटने की इच्छा है ।क्या बना है रसोई में ये देखने की चाहत है । रिश्तों में अनुबंध है ,पड़ोसी से संबंध है । घर की अनदेखी घड़ी हो तुम सोना ,जागना ,खाना सबकी टिक टिक हो तुम । त्योहार होंगे तुम बिन ? तुम ही तो हो दिवाली का ...
मेरी ज़िंदगी

मेरी ज़िंदगी

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 मेरी ज़िंदगी लेखिका-जूही श्रीवास्तव थोड़ा सा थक गयी हू अब मैं... अपनों से उमीद करते ,टूटते ,बिखरते.... इसलिए,अब दूर निकलना छोड़ दिया है, पर ऐसा भी नहीं है कि अब... मैंने चलना ही छोड़ दिया है। गिले शिकवे सिर्फ सांस लेने तक हि चलते है । बाद में तो सिर्फ पछ तावे रह जाते है ...दोनो तरफ से निभाया जाए वही रिश्ता कामयाब होता है एक तरफ से सेंकी रोटी भी कौन खाता है। फासले अक्सर रिश्तों में... अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं, कुछ फ़ासले भी ऐसे होते है जनाब ...जो तय तो नही होते मगर नजदीकियां कमाल की रखते है .... ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने... अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है हाँ अकेला महसूस करती हूँ ... खुद को अपनों की ही भीड़ में, पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने अपनापन ही छोड़ दिया। याद तो करती हूँ मैं वो सब कुछ .. क्युकि लौटती है वो तारीखे ..हां पर वो दिन नही आते ..... परवाह भी करती हूँ ...
शांति की खोज नही,शांति है मन के अंदर …. निज स्वरुप …..

शांति की खोज नही,शांति है मन के अंदर …. निज स्वरुप …..

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शांति की खोज नही,शांति है मन के अंदर .... निज स्वरुप ..... लेखिका-जूही श्रीवास्तव शान्ति हमारा निज स्वरूप है, बस हम अपनी चंचल वृत्ति के कारण ही अशांत हैं। साबुन से कपडे में कभी भी चमक नहीं आती, साबुन केवल कपडे पर लगी गंदगी को साफ करता है। इसी प्रकार शांति के लिए हमें कोई प्रयत्न नहीं करना होता है , वह तो प्राप्त ही है। आनन्द तो नित्य है, सहज है, मिला हुआ ही है। औषधि केवल रोग निवृत्ति के लिए होती है, स्वास्थ्य के लिए नहीं। स्वास्थ्य तो उपलब्ध है। अशांति देने वाले, विषाद देने वाले कर्मों से हमें बचना है। जिस प्रकार रोड़ पर चलते समय हमें स्वयं गाड़ियों से बचना पड़ता है लेकिन इस नियम को हम जीवन में और बहुत जगह पर लागू नहीं करते हैं। क्लेश की, कलह की स्थितियों से विवेकपूर्वक बचते रहो। वो उत्पन्न होंगी और हर बार नए-नए रूप में आएँगी। जिस प्रकार एक कुशल नाविक तेज धार में समझदारी से...
प्रयागराज में नये साल के जश्न में हुए रंगारंग कार्यक्रम,लोगों ने एक दूसरे को नए साल की बधाइयां दीं

प्रयागराज में नये साल के जश्न में हुए रंगारंग कार्यक्रम,लोगों ने एक दूसरे को नए साल की बधाइयां दीं

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प्रयागराज में नये साल के जश्न में हुए रंगारंग कार्यक्रम,लोगों ने एक दूसरे को नए साल की बधाइयां दीं रिपोर्ट-आलोक मालवीय संगम नगरी प्रयागराज के विभिन्न होटलों और क्लबों ने नए साल के स्वागत में विशेष इंतजाम किए थे।लजीज व्यंजनों के साथ मौज मस्ती के लिए युवा भी इन होटलों और क्लबों में पहुंचे।शहर के प्रतिष्ठित होटल मिलेनियम इन ने अपने 'आशीर्वाद' हॉल में गाला डिनर के साथ नए साल का हार्दिक स्वागत किया। नव वर्ष के स्वागत में प्रसिद्ध डीजे द्वारा संगीत की प्रस्तुति की गई जिसका 300 से अधिक मेहमानों ने भरपूर आनंद उठाया। इस रात्रि का विशेष आकर्षण रहा शानदार बुफेट, जिसमें पनीर लबाबदार, आलू दम बनारसी, मुगलई दाल, लच्छा पराठा, सूप, सलाद, और कई रोमांचक मिठाईयाँ शामिल थीं। स्वाद को और भी बढ़ाने के लिए लाइव काउंटर्स ने मिनी पिज्जा, चायनीज और इटैलियन व्यंजनों का विविध चयन प्रस्तुत किया, जो होटल ...
नव वर्ष 2024 का स्वागत गीत

नव वर्ष 2024 का स्वागत गीत

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नव वर्ष 2024 का स्वागत गीत लेखिका-जूही श्रीवास्तव   "स्वागत जीवन के नवल वर्ष आओ नूतन निर्माण लिए इस महाजागरण के युग में जाग्रत जीवन अभिमान लिए " आशाओ ,उमीदो और खुशियों की अनंत किरणों के साथ नव वर्ष 2024की हार्दिक शुभकामनाएं. ........ मंगलकामनाये अपने सभी स्नेही जनों को -------- नया खुशहाल जीवन,नयी आशा, नया विश्वास,नयी सोच,और नये सपनो की ,उन खुशियों की जो उन्हे अहलादित कर दे ..... कामनाओ में दे रही हूँ वो दीप जो आलोकित करदे आपका जीवन मन मे भर दे वो जादू, वो कमाल,वो कुशलता,वो जूनून जो पत्थर को भी पारस बना दे ... जगमगाये खुशियों से घरबार ऐसा.. की आपका हर दिन हो त्यौहार जैसा सफलतये कुछ यूँ कदम चूमे की मन आनंदित हो झूमें करे जग में कुछ ऐसे काम बन उदाहरण फैलाये अपना नाम ....... इन्ही दुआओ के साथ ...........
26 जनवरी को दिल्ली परेड में दिखेगा प्रयगराज का पारंपरिक ढेड़िया लोक नृत्य

26 जनवरी को दिल्ली परेड में दिखेगा प्रयगराज का पारंपरिक ढेड़िया लोक नृत्य

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26 जनवरी को दिल्ली परेड में दिखेगा प्रयगराज का पारंपरिक ढेड़िया लोक नृत्य संगीत के क्षेत्र में एक स्थापित नाम जिसने भारत में ही नही भारत के बाहर भी अपनी पहचान एक लोक कलाकार के नाम से बनाई है पिछले 30 वर्षों से आनन्द लोक संगीत के क्षेत्र में कार्य कर रहे है देश के नामचीन कलाकारो के साथ ढोलक एव तबला वादन के माध्यम से संगत कर चुके है आनन्द किशोर एक जाना माना नाम है उत्तर प्रदेश का पारंपरिक ढेड़िया लोक नृत्य को एक ऊंचाई देने में आनन्द किशोर का नाम जरूर लिया जाता है। दिल्ली में होने वाले परेड में 26 जनवरी को देश के विभिन्न राज्यो से आए लोक कलाकारों के बीच प्रयागराज का ढेड़िया लोक नृत्य को भी लोग देख सकेंगे जिसके लिए संस्कृति मंत्रालय ने प्रायगराज से आनन्द किशोर के दल का चयन किया है संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के जोन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक ने इस बार 2024 मे होने...
ठंड से बचाव के लिए पूनम संत महिला एवं विकास समिति ने महिलाओं को बांटे कंबल

ठंड से बचाव के लिए पूनम संत महिला एवं विकास समिति ने महिलाओं को बांटे कंबल

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ठंड से बचाव के लिए पूनम संत महिला एवं विकास समिति ने महिलाओं को बांटे कंबल ठंड की शुरुआत होते ही महिलाओं को ठंड से बचाने के लिए पूनम संत महिला एवं विकास समिति ने महिलाओं को कंबल वितरित किया।इस पुनीत कार्य के लिए संस्थान ने मुख्य रूप से मुख्य अतिथि मुख्य आयकर आयुक्त शिखा दरबारी, न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी,शहर के पहले नागरिक मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी मौजूद रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्य आयकर आयुक्त शिखा दरबारी ने कहा कि इस तरह के प्रयासों से गरीब महिलाओं को ठंड से बचने में मदद मिलती।इस तरह के कार्यक्रम करते रहने से गरीबों को ठंड से बचने में मदद मिलती है।शहर के पहले नागरिक मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने कहा कि पूनम संत महिला एवं विकास समिति का यह प्रयास सराहनीय है।इस पुनीत कार्य को इसी तरह अन्य संस्थानों से करने का आह्वाहन मेयर ने किया।साथ ही इस सराहनीय प्रयास की भूरी भूर...
क्षत्रिय सोनार युवक समिति एवं महिला समाज का 13 व सामूहिक विवाह हर्षोउल्लास के साथ संपन्न… रोहित वर्मा

क्षत्रिय सोनार युवक समिति एवं महिला समाज का 13 व सामूहिक विवाह हर्षोउल्लास के साथ संपन्न… रोहित वर्मा

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क्षत्रिय सोनार युवक समिति एवं महिला समाज का 13 व सामूहिक विवाह हर्षोउल्लास के साथ संपन्न... रोहित वर्मा प्रयागराज क्षत्रिय सोनार युवक समिति महिला समाज रजि का तेरावहां सामूहिक विवाह क्षत्रिय स्वर्णकार धर्मशाला 909 दरियाबाद कल्याणी देवी में अथक प्रयासो के साथ कमेटी के अध्यक्ष रोहित वर्मा गुलाब, महामंत्री इंद्रेश नाथ वर्मा, कोषाध्यक्ष शिवम सोनी, महिला अध्यक्ष क्रांति जौहरी, महामंत्री रचना वर्मा, कोषाध्यक्ष आशा सोनी,के निर्देशन में मुख्य संयोजक संजय वर्मा,सहसंयोजिका मंजू वर्मा,की अगुवाई मे विगत कई महीनो से चल रहा था। जिसमें परिचय सम्मेलन के उपरांत 10 जोडी वर वधू के लिए समिति द्वारा संपूर्ण विवाह संबंधित कार्यक्रम कराए गए जैसे सिलमायन के उपरांत 10 जोड़ी वर वधुओं क संपूर्ण वैदिक रीति रिवाज के साथ विवाह संपन्न करा कर समाज के लगभग आठ दस हजार लोगों के खान पान की व्यवस्था एवं नववधुओ को गृह...
तीर्थराज प्रयागराज को आस पास के जिलों के तीर्थों से जोड़ने की है आवश्यकता-पद्मश्री डॉ0 सुनील जोगी

तीर्थराज प्रयागराज को आस पास के जिलों के तीर्थों से जोड़ने की है आवश्यकता-पद्मश्री डॉ0 सुनील जोगी

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तीर्थराज प्रयागराज को आस पास के जिलों के तीर्थों से जोड़ने की है आवश्यकता-पद्मश्री डॉ0 सुनील जोगी उजाला लाइव से डॉ0सुनील जोगी ने की खासबात चीत रिपोर्ट-आलोक मालवीय फोटो-अमित विश्वकर्मा तीर्थराज प्रयागराज से मेरा नाता वर्षो पुराना है।इस शहर की आबोहवा मुझे खासी पसंद है।ये बातेँ अंतर्राष्ट्रीय कवि व पद्मश्री सहित सैकड़ों सम्मानों से सम्मानित डॉ0 सुनील जोगी ने कही।सुनील जोगी संगम नगरी प्रयागराज के तुलसी पार्क अल्ला पुर में आयोजित कवि सम्मेलन में शिरकत करने पहुँचे थे। सुनील जोगी ने मथुरा में भव्य श्री कृष्ण मंदिर बनाये जाने का समर्थन किया।कहा कि अयोध्या, काशी में भव्य मंदिर बन गया है।तो जन भावना का खयाल करते हुए मथुरा में भी भव्य श्री कृष्ण मंदिर बनना चाहिए।राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर उन्होंने ने कहा कि ये क्षण पूरे संतनियो के गौरव का क्षण है राम मंदिर के निमार्ण से ...