परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज में महाशिवरात्रि के दिव्य अवसर पर रूद्राभिषेक का आयोेजन

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी की दिव्य प्रेरणा से नवनिर्मित परमार्थ त्रिवेणी में अध्यात्म व संस्कृति का अद्भुत समन्वय
अरेल प्रयागराज स्वामी चिदानन्द सरस्वती की पावन प्रेरणा से नवनिर्मित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रूद्राभिषेक एवं विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिसर अध्यात्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं के अद्भुत समन्वय का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा है। इसी पावन प्रांगण में स्थित स्वयंभू शिव मंदिर में वेदमंत्रों की मंगलध्वनि के मध्य भगवान शिव का विधिवत पूजन, रूद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय मंत्र जप सम्पन्न हुआ। ऋषिकुमारों ने श्रद्धापूर्वक 25,000 महामृत्युंजय मंत्र का जप कर सम्पूर्ण वातावरण को दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा से अनुप्राणित कर दिया गया।
हवन-कुण्ड में वैदिक आहुतियों के साथ यज्ञ संपन्न हुआ, जहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपने परिवार सहित आहुति प्रदान लोककल्याण, स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि की मंगलकामनाएँ कीं। भजन के मधुर स्वर, मंत्रोच्चार और दीपों की ज्योति से पूरा परिसर शिवमय हो उठा।
इस अवसर पर आश्रम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरुण सारस्वत, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह, आर्किटेक्ट पीडीए दीक्षा तिवारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं श्रद्धालुओं का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।
