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संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में दिखेगा आधुनिकता और प्राचीनता संगम

संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में दिखेगा आधुनिकता और प्राचीनता संगम

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संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में दिखेगा आधुनिकता और प्राचीनता संगम रिपोर्ट आलोक मालवीय प्रयागराज। गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में लगे माघ मेले में दिखेगी अदभुत झांकी।एक ओर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के सुंदर मंदिर में श्री राम के दर्शन होंगे तो दूसरे ओर चंद्रयान की झलक देखने को मिल रही है। हालाकि अभी ये दोनों झाकियां एक दो दिन में तैयार हो जाएंगी।झाकियां के प्रभारी विपिन तिवारी बताते हैं कि इसदोनो थीमों को बनाने में उन्होंने खासी मेहनत की है।हमेशा लगने वाले मीना बाजार में इस बार अलग आकर्षण देखने को मिलेगा।जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। गोपाल सोकहा बताते है कि लगातार लगने वाले बाजार में पहली बार इस तरह की थीम लगाई जा रही है जो कुंभ मेले के मद्देनजर लगाई गई है।प्रयागराज मेला प्राधिकरण का ये प्रयास सराहनीय है।परेड मैदान में लगने वाले इस थीम पार्क म...
4 जनवरी 1984 का ऐतिहासिक राम प्रकट उत्सव- शोभा यात्रा

4 जनवरी 1984 का ऐतिहासिक राम प्रकट उत्सव- शोभा यात्रा

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4 जनवरी 1984 का ऐतिहासिक राम प्रकट उत्सव- शोभा यात्रा विंग कमांडर धीरेन्द्र सिंह जफ़ा सन् 1935 में उत्तर प्रदेश के एक ज़मींदार परिवार में जन्मे धीरेन्द्र सिंह जफ़ा ने 1954 में एक फ़ाइटर-पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना में प्रवेश किया। वर्ष 1964 में एयरफोर्स की तरफ से उन्हें एयर अटैक इन्स्ट्रक्टर की ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भेजा गया। सन् 1965 में उनकी तैनाती अम्बाला एयरबेस पर हुई; उसी समय पाकिस्तान के साथ भीषण युद्ध छिड़ गया। पराक्रमी जफ़ा ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 23 बार पाकिस्तान पर जबरदस्त हमले किये। उनकी पेशेवर कुशलता और लगन को देखते हुए उन्हें सुपरसोनिक फाइटर सुखोई एसयू-7 लड़ाकू विमान स्वदेश भारत लाने के लिए रूस भेजा गया। उन्हीं के प्रयासों की बदौलत स्क्वाड्रन नंo 26 बहुत ही कम समय में सुखोई एसयू-7 लड़ाकू बमवर्षक विमान से लैस देश का प्रथम स्क्वाड्रन बन गया। जफ़ा के इस उत्कृष्ट यो...
मेरे राम 

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मेरे राम    लेखिका जूही श्रीवास्तव विशुद्धम परमं सच्चिदानंद रूपम गुणाधाराम आधारहीनं वरणयं महानतम विधांतम गुणांतम सुखानतं स्वयं रामम प्रपद्ये स्वयं रामम प्रपद्ये जो विशुद्ध सच्चिदानंद स्वरूप है जो निराधार होते हुए भी समस्त गुणों के आधार है ,जो संसार मे श्रेष्ठ स्वयं प्रकाश स्वरूप है उन प्रभु श्री राम जी चरणों मे नमन है ,नमन है ,नमन है । जिनकी कृपा से आज हमे पुनः राममय होने का सौभाग्य मिल रहा है । आज चहु ओर श्री राम के नाम की गूंज है और घर घर मे राम नाम की अलख जगी है । जन जन का मन राम के लिए तड़प रहा है और हर हृदय में राम के नाम का स्पंदन हो रहा है ।पृथ्वी ,आकाश ,प्रकृति,जीव सभी प्रभु श्री राम के जय घोष से आह्लादित हो रहे है और ऐसे दिव्य वातावरण में हमे सौभाग्य मिल रहा है प्रभु के मंदिर और प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बनने का । भारत का कण कण साक्षी है , जीवन का पल पल ...
आस्था और विश्वास का शहर “मेरा प्रयागराज”

आस्था और विश्वास का शहर “मेरा प्रयागराज”

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आस्था और विश्वास का शहर "मेरा प्रयागराज" लेखिका जूही श्रीवास्तव जिसके कण कण में होता संगम का आभास है ये शहर इलाहाबाद नही .... " ये तीर्थराज प्रयागराज है।" इतिहास को अपनी मिट्टी में समेटे गंगा जमुनी तहजीब को ज़िंदा किये जी रहा है ये तीर्थराज प्रयागराज है । ये गंगा जमुना का पावन संगम है कला ,संस्कृतियों का अदभुत संगम है त्रिवेणी को हृदय में बसाये जी रहा है । ये तीर्थराज प्रयागराज है । जहां की संस्कृति में प्रेम और भाईचारा है ये साहित्य और शिक्षा का गलियारा है । जीवन के अंतिम समय का सहारा है । ये तीर्थराज हमारा है । अमृत के स्नान का हो रहा आगाज है । माघ के रंग में रंगने जा रहा प्रयागराज है नर ,नारी ,साधु संत और पंडो का मेला "जय हो गंगा मैया " के जयघोष के साथ होगा "खिचड़ी" का मेला आस्था की डुबकी लगाएगा संगम आहा!! दृश्य होगा कितना विहंगम तंबुओं की होंगी लंबी...
इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक संपन्न

इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक संपन्न

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इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक संपन्न इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा सिविल लाइन स्थित एक होटल में आम सभा का आयोजन किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष सौरभ गुप्ता द्वारा की गई कार्यक्रम की शुरुआत दीपप्रज्वलन करके किया गया उसके उपरांत कंप्यूटर व्यापारियों की ऑनलाइन व्यापार से होने वाले परेशानियों पर चर्चा की गई और जल्द ही इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल बनाने के लिए विचार किया गया सचिव अविनाश के द्वारा आने वाले सत्र के चुनाव पर चर्चा हुई और तारीख घोषित की गई उपाध्यक्ष संकेत अग्रवाल द्वारा हेल्थ चेकअप कैंप और ब्लड डोनेशन कैंप लगाने की घोषणा की गई कार्यक्रम में उपस्थित संयुक्त सचिव नीरज जायसवाल कोषाध्यक्ष अनुपम खरे संदीप अग्रवाल प्रभात कमल शोभित विशाल अतुल सुबोध दिनेश शुक्ला धीरेंद्र पांडे शिव शंकर सिंह धनंजय सिंह मनी...
…”मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत”…

…”मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत”…

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..."मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत"... लेखिका जूही श्रीवास्तव मन, जिसे हमारी अंतरात्मा भी कहा जाता है व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ,हमारी भावनाओं ,विचारों और क्रियाओ का केंद्र है।ये हमारे जीवन के हर पहलुओं पर मार्गदर्शन् करता है ।ये मन ही तो है जो जीवन में सुख और दुख का एहसास कराता है । हमारे मन और जीवन पर संगति का बहुत शीघ्र प्रभाव होता है। हमेशा तमोगुण और रजोगुण में रहने वाला व्यक्ति भी थोड़ी देर आकर सत्संगत में बैठ जाये तो उसमें भी सकारात्मक और सात्विक ऊर्जा का संचरण होने लगेगा। मन की चेतना एक ऐसी उर्जा है जो पूरे दिन प्रवाहित होती रहती है। उसे जैसा परिवेश मिलेगा वह उसी में ढलने के लिए तैयार होने लगती है।आदमी पूरे दिन बदल रहा है। अच्छे आदमी से मिलकर अच्छे होने का सोचने लगता है तो बुरे आदमी से मिलकर बुरे होने के विचार आने लगते हैं। अच्छाईयों का एक...
“”गृहिणी”…सारा घर जिसका ऋणी””

“”गृहिणी”…सारा घर जिसका ऋणी””

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""गृहिणी"...सारा घर जिसका ऋणी"" लिखिका-जूही श्रीवास्तव आसान कहां है गृहिणी होना किताबे छोड़,गृहस्थी पढ़ना एक एक फुल्का गोल सेकना सहेलियां छोड़ दीवारों से बाते करना । पीला रंग उड़ाकर उनकी पसंद पहनना। हांथ की घड़ी उतार , खनकती चूड़ियां पहनना। कपड़ो के साथ सपने निचोड़ धूप में सुखाना अपनी फिक्र छोड़ सबकी सुनना । मैथ के सवाल करते करते अचानक दूध के हिसाब करना इतना आसान कहा है गृहिणी होना ........... पर तुम खुद को कम मत आंको गौरवान्वित हो .. क्योंकि तुम हो तो थाली में गर्म रोटी है । ममता की ठंडक है ,प्यार की ऊष्मा है। तुमसे ही तो घर में दिया बाती है .. घर लौटने की इच्छा है ।क्या बना है रसोई में ये देखने की चाहत है । रिश्तों में अनुबंध है ,पड़ोसी से संबंध है । घर की अनदेखी घड़ी हो तुम सोना ,जागना ,खाना सबकी टिक टिक हो तुम । त्योहार होंगे तुम बिन ? तुम ही तो हो दिवाली का ...
मेरी ज़िंदगी

मेरी ज़िंदगी

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 मेरी ज़िंदगी लेखिका-जूही श्रीवास्तव थोड़ा सा थक गयी हू अब मैं... अपनों से उमीद करते ,टूटते ,बिखरते.... इसलिए,अब दूर निकलना छोड़ दिया है, पर ऐसा भी नहीं है कि अब... मैंने चलना ही छोड़ दिया है। गिले शिकवे सिर्फ सांस लेने तक हि चलते है । बाद में तो सिर्फ पछ तावे रह जाते है ...दोनो तरफ से निभाया जाए वही रिश्ता कामयाब होता है एक तरफ से सेंकी रोटी भी कौन खाता है। फासले अक्सर रिश्तों में... अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं, कुछ फ़ासले भी ऐसे होते है जनाब ...जो तय तो नही होते मगर नजदीकियां कमाल की रखते है .... ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने... अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है हाँ अकेला महसूस करती हूँ ... खुद को अपनों की ही भीड़ में, पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने अपनापन ही छोड़ दिया। याद तो करती हूँ मैं वो सब कुछ .. क्युकि लौटती है वो तारीखे ..हां पर वो दिन नही आते ..... परवाह भी करती हूँ ...
शांति की खोज नही,शांति है मन के अंदर …. निज स्वरुप …..

शांति की खोज नही,शांति है मन के अंदर …. निज स्वरुप …..

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शांति की खोज नही,शांति है मन के अंदर .... निज स्वरुप ..... लेखिका-जूही श्रीवास्तव शान्ति हमारा निज स्वरूप है, बस हम अपनी चंचल वृत्ति के कारण ही अशांत हैं। साबुन से कपडे में कभी भी चमक नहीं आती, साबुन केवल कपडे पर लगी गंदगी को साफ करता है। इसी प्रकार शांति के लिए हमें कोई प्रयत्न नहीं करना होता है , वह तो प्राप्त ही है। आनन्द तो नित्य है, सहज है, मिला हुआ ही है। औषधि केवल रोग निवृत्ति के लिए होती है, स्वास्थ्य के लिए नहीं। स्वास्थ्य तो उपलब्ध है। अशांति देने वाले, विषाद देने वाले कर्मों से हमें बचना है। जिस प्रकार रोड़ पर चलते समय हमें स्वयं गाड़ियों से बचना पड़ता है लेकिन इस नियम को हम जीवन में और बहुत जगह पर लागू नहीं करते हैं। क्लेश की, कलह की स्थितियों से विवेकपूर्वक बचते रहो। वो उत्पन्न होंगी और हर बार नए-नए रूप में आएँगी। जिस प्रकार एक कुशल नाविक तेज धार में समझदारी से...
प्रयागराज में नये साल के जश्न में हुए रंगारंग कार्यक्रम,लोगों ने एक दूसरे को नए साल की बधाइयां दीं

प्रयागराज में नये साल के जश्न में हुए रंगारंग कार्यक्रम,लोगों ने एक दूसरे को नए साल की बधाइयां दीं

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प्रयागराज में नये साल के जश्न में हुए रंगारंग कार्यक्रम,लोगों ने एक दूसरे को नए साल की बधाइयां दीं रिपोर्ट-आलोक मालवीय संगम नगरी प्रयागराज के विभिन्न होटलों और क्लबों ने नए साल के स्वागत में विशेष इंतजाम किए थे।लजीज व्यंजनों के साथ मौज मस्ती के लिए युवा भी इन होटलों और क्लबों में पहुंचे।शहर के प्रतिष्ठित होटल मिलेनियम इन ने अपने 'आशीर्वाद' हॉल में गाला डिनर के साथ नए साल का हार्दिक स्वागत किया। नव वर्ष के स्वागत में प्रसिद्ध डीजे द्वारा संगीत की प्रस्तुति की गई जिसका 300 से अधिक मेहमानों ने भरपूर आनंद उठाया। इस रात्रि का विशेष आकर्षण रहा शानदार बुफेट, जिसमें पनीर लबाबदार, आलू दम बनारसी, मुगलई दाल, लच्छा पराठा, सूप, सलाद, और कई रोमांचक मिठाईयाँ शामिल थीं। स्वाद को और भी बढ़ाने के लिए लाइव काउंटर्स ने मिनी पिज्जा, चायनीज और इटैलियन व्यंजनों का विविध चयन प्रस्तुत किया, जो होटल ...