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आस्था और उमंग से सजाया लाइंस क्लब प्रयागराज प्रमिला ने राखी का यह त्यौहार

आस्था और उमंग से सजाया लाइंस क्लब प्रयागराज प्रमिला ने राखी का यह त्यौहार

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आस्था और उमंग से सजाया लाइंस क्लब प्रयागराज प्रमिला ने राखी का यह त्यौहार   प्रयागराज लायंस क्लब प्रयागराज प्रमिला ने पत्थर गिरजा के निकट धरना स्थल सिविल लाइंस प्रयागराज में स्थित सभी लाइंस क्लब के संग मिलकर यह राखी का त्यौहार अपने वीर जवानों के लिए मनाया l क्लब प्रमिला द्वारा 251 राखी और 11 किलो मिठाई अपने वीर जवानों को भेजी गई l इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट गवर्नर डॉक्टर अर्पण धर दुबे जी वाइस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर वहां क्लब की जोन वंदना दुबे क्लब की अध्यक्ष लायन तृप्ति पंवार तथा सचिव आयुषी अग्रवाल सदस्य आकांक्षा जायसवाल सीमा सिंह सुमैया आलम भी मौजूद थी हाल ही में खुले इस क्लब ने अपनी सेवा कार्य का बहुत ही अच्छा प्रदर्शन दिया हैl यह आयोजन लायंस क्लब की समाज सेवा व देशभक्ति की भावना का प्रतीक बना और उपस्थित सभी लोगों ने इस पवित्र प्रयास की सराहना की।...
प्रयागराज लायंस क्लब इंटरनेशनल के द्वारा राखी रक्षा संदेश के माध्यम से सीमा पर तैनात सैनिकों को राखी और मिठाई भेजा गया

प्रयागराज लायंस क्लब इंटरनेशनल के द्वारा राखी रक्षा संदेश के माध्यम से सीमा पर तैनात सैनिकों को राखी और मिठाई भेजा गया

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प्रयागराज लायंस क्लब इंटरनेशनल के द्वारा राखी रक्षा संदेश के माध्यम से सीमा पर तैनात सैनिकों को राखी और मिठाई भेजा गया प्रयागराज पत्थर गिरिजा सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर लायंस क्लब इंटरनेशनल के सदस्यों के द्वारा पूर्व निर्धारित एक विशाल राखी रक्षा कार्यक्रम को संपन्न किया गया। माननीय मंडला अध्यक्ष महोदय अर्पण धर दुबे के आह्वाहन पर रक्षा बंधन के पर्व के पूर्व राखी रक्षा संदेश कार्यक्रम देश की रक्षार्थ वीर सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्लबों/व्यक्तिगत सहयोग से लगभग 201 किलोग्राम मिठाई एवं 5100 राखी रक्षा सूत्र विभिन्न क्लबों के सहयोग से प्राप्त हुई- जिसको प्रयागराज स्थित सेना के कमांडर जनरल के प्रतिनिधि कॉर्नेल विक्रम जी एवं उनके साथ आए सेना के वीर जवानों को लायंस क्लब की महिला सदस्यों ने राखी बांध कर और उनको टीका लगाकर मिठा...
नामधारी प्रमुख ठाकुर दलीप सिंह का जन्मदिन 7300 पौधे लगाकर मनाया जाएगा

नामधारी प्रमुख ठाकुर दलीप सिंह का जन्मदिन 7300 पौधे लगाकर मनाया जाएगा

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नामधारी प्रमुख ठाकुर दलीप सिंह का जन्मदिन 7300 पौधे लगाकर मनाया जाएगा   वर्तमान नामधारी प्रमुख ठाकुर दलीप सिंह का जन्मदिन 6 अगस्त को नामधारी संगत द्वारा आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की मदद करके और पर्यावरण की स्वच्छता का संकल्प लेकर मनाया जाएगा। नामधारी संगत के अध्यक्ष सूबा अमरीक सिंह ने बताया कि ठाकुर दलीप सिंह हमेशा प्रेरित करते हैं कि पर्यावरण की स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा पौधे लगाए जाएँ। संगत ने उनके 73वें जन्मदिन पर 7300 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। सूबा रतन सिंह ने बताया कि ठाकुर दलीप सिंह का मानना है कि उनके जन्मदिन पर महँगे उपहार नहीं, बल्कि गरीबों और पर्यावरण का ध्यान रखा जाना चाहिए। ज़रूरतमंदों के लिए राशन की व्यवस्था की जानी चाहिए। उनके जन्मदिन पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित करके ज़रूरतमंद परिवारों के घर जाकर उन्हें प्रसाद और पैसे देने का प्रयास ...
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरेल में हुआ गंगा आरती का शुभारंभ

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरेल में हुआ गंगा आरती का शुभारंभ

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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरेल में हुआ गंगा आरती का शुभारंभ   नैनी. माँ गंगा सनातन सेवा समिति ट्रस्ट के द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरेल घाट, सेल्फी प्वाइंट, नैनी में गंगा आरती का शुभारंभ किया गया। यह आरती नियमित रूप प्रतिदिन शाम को आयोजित की जाएगी। गंगा आरती के प्रथम दिन मुख्य जजमान के रूप में न्यायमूर्ति ऋचा पाठक एवं विशिष्ट अतिथि योगेश शुक्ल द्वारा विधि विधान से पूजन कर गंगा आरती का शुभारंभ किया गया। गंगा आरती के पूर्व भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या में सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी गई। गंगा तट पर 1100 दीपों को प्रज्वलित कर दीपदान किया गया। गंगा आरती के आयोजक राज मिश्रा एवं संयोजन परमार्थ प्राकृतिवेदा के निदेशक डॉ पुष्पेन्द्र सिंह तथा सह संयोजन शालिनी सिंह परिहार द्वारा किया जाएगा। संयोजक डॉ पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष पर्यंत ...
इंसानियत मोहब्बत तहजीब और अकीदत का पैगाम देने के लिए उठाया गया। ‌। बडा ताजिया

इंसानियत मोहब्बत तहजीब और अकीदत का पैगाम देने के लिए उठाया गया। ‌। बडा ताजिया

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इंसानियत मोहब्बत। तहजीब और अकीदत का पैगाम देने के लिए उठाया गया बडा ताजिया *क्या हक अदा करेगा जमाना हुसैन का* *अब तक जमीन पर कर्ज है सजदा हुसैन का* *झोली फैला के मांग लो मोमिनो* *हर दुआ कबूल करेगा दिल हुसैन का* (अकरमशगुन) प्रयागराज माहे मोहर्रम की दस तारीख को बड़ा ताजिया उठाया गया बाद नमाज जोहर तजिया उठाया गया ताजिया बड़े ताजिया में गश्त करने के बाद जॉनसेन गंज चौराहा पहुंचता है यहां पर हुसैन के शैदाइयों की भारी भीड़ होती है इस भीड को कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत करना पड़ता है हर कोई बोसा लेने फूल चढ़ाने मन्नत मांगने मन्नत की चीजे चढ़ाने के लिए बेचैन नजर आया। लाखों शहादतों के बाद हम आज यौमे आशूरा हुसैनी गम मना रहे हैं सुबह से ही बड़े ताजिए पर मन्नत के फूल चढ़ाया जा रहा था लंगर किया जा रहा था खाने पीने की चीज लोगों के हाथ में दिया जा रहा था पानी और शरबत का माकूल इंतजाम था बड़ा...
नवीं माहे मोहर्रम  झूला मासूम अली असग़र व ताबूत अली अकबर की जियारत व बोसा लेने को उमड़ पड़ा हुसैनी सैलाब

नवीं माहे मोहर्रम झूला मासूम अली असग़र व ताबूत अली अकबर की जियारत व बोसा लेने को उमड़ पड़ा हुसैनी सैलाब

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नवीं माहे मोहर्रम झूला मासूम अली असग़र व ताबूत अली अकबर की जियारत व बोसा लेने को उमड़ पड़ा हुसैनी सैलाब """"""मासूम अली असग़र के झूले और ताबूत ए अली अकबर की ज़ियारत को उमड़ा अक़ीदतमन्दों का सैलाब"""""" """""अक़ीदत के फूल चढ़ाने और बोसा लेने को बेताब रहे अज़ादार""""" करबला में हक़ और बातिल की जंग को चौदह सौ साल गुज़रने के बाद भी आज तक हुसैन ए मज़लूम के चाहने वाले अश्क बहा कर मजलिस मातम और शहादत का बयान कर रहे हैं। मोहर्रम के चांद के दीदार से शुरु हुआ ग़म का सिलसिला आज माहे मोहर्रम की नवीं को भी शिद्दत से याद किया गया।चक ज़ीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डिप्यूटी ज़ाहिद हुसैन में नवीं मोहर्रम की मजलिस को मौलाना सैय्यद रज़ी हैदर रिज़वी साहब क़िब्ला ने खिताब करते हुए इमाम हुसैन के फरज़न्द हम शक्ले पैयम्बर हज़रत अली अकबर और छै माह के हज़रत मासूम अली असग़र की शहादत का ज़िक्र किया तो हर तरफ ...
मासूम अली असगर का चांदी का झूला बड़े अदब एहतराम अकीदत के साथ उठाया गया

मासूम अली असगर का चांदी का झूला बड़े अदब एहतराम अकीदत के साथ उठाया गया

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मासूम अली असगर का चांदी का झूला बड़े अदब एहतराम अकीदत के साथ उठाया गया *खूने जिगरे फातिमा असगर का झूला है* *यह झूला है हुसैन का हैदर का झूला है* *कंधा लगाओ इसमें अकीत से दोस्तों* *निकला रसूले पाक के दिलबर का झूला है* *मासूम सकीना के आंसू जैनब का कुतबा बोलेगा* *कासिम के हाथों की मेहंदी असगर का झूला बोलेगा* प्रयागराज मासूम अली असगर का ऐतिहासिक झूला चक रौजा से उठा, जिसे फूलों से सजाया गया है गौस माली ने अपनी कारीगरी से झूले में फूलों से खूबसूरती कोनिखारा है चांदी के झूले के साथ सोने का पंजा भी लगाया गया । यह जुलूस बहादुरगंज, जी.टी. रोड, बतासा मंडी, गुड़ मंडी, लोकनाथ, कोतवाली, बजाजा पट्टी, घंटाघर, सब्जी मंडी और गढ़ी सराय होते हुए अपने कदीमी रास्ते तय करता हुआ मासूम अली असगर के इमामबाड़े पर रखा गया। इस ऐतिहासिक झूले की जियारत के लिए शिया, सुन्नी, हिंदू और मुस्लिम समाज के लाखों...
मोहर्रम की 9वीं तारीख पर दरियाबाद से निकली दो रजिस्टर मेहंदियां

मोहर्रम की 9वीं तारीख पर दरियाबाद से निकली दो रजिस्टर मेहंदियां

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मोहर्रम की 9वीं तारीख पर दरियाबाद से निकली दो रजिस्टर मेहंदियां श्रद्धा और परंपरा से सजी मेंहदियों ने अकीदतमंदों का दिल जीता, 11 किलो चांदी से जड़ा झूला बना आकर्षण का केंद्र   प्रयागराज। मोहर्रम की 9वीं तारीख शनिवार को दरियाबाद मोहल्ले में गम, श्रद्धा और परंपरा देखने को मिला। इस मौके पर दरियाबाद के दो अलग-अलग इमामबाड़ों से रजिस्टर मेहंदी जुलूस निकाले गए। ये मेहंदी जुलूस समयबद्ध और सलीके से अपने-अपने मार्गों से होकर इमामबाडे तक पहुँचा । मोहम्मद महबूब दावर और दुलारे खाँ की अगुवाई में निकली ये मेहंदियां अकीदतमंदों की गहरी आस्था और हुसैनी मोहब्बत की गवाही दे रही थीं। पहली रजिस्टर मेहंदी दरियाबाद के कुरेशनगर स्थित इमामबाड़ा से निकाली गई, जिसकी अगुवाई तजियादार मोहम्मद महबूब दावर ने की। इस मेहंदी को खास तरीके से सजाया गया था। कारीगरों ने गजब की खूबसूरती और बारीकी से सजावट की थी...
कर्बला के शहीदों की याद में उठाई गई गुल्लू पहलवान की मेहंदी

कर्बला के शहीदों की याद में उठाई गई गुल्लू पहलवान की मेहंदी

धर्म/संस्कृति
कर्बला के शहीदों की याद में उठाई गई गुल्लू पहलवान की मेहंदी *दिल को ये ऐतबार दिलाया हुसैन ने* *ग़म में भी मुस्कुराना सिखाया हुसैन ने* *फैली है जिसकी रौशनी सारे जहान मे* *वो शम्मा करबला में जलाया हुसैन ने* प्रयागराज माहे मोहर्रम की सात:तारीख इस्लामे हिंद सब्जी मंडी ( राईन नगर) से गुल्लू पहलवान की मेहंदी उठाई गई मेहंदी को बहुत ही शानदार तरीके से सजाया गया है मेहंदी को सजाने वाले गौस माली ने बताया इस मेहंदी को हमने तीन बड़ी मस्जिदों के सामने की डिजाइन से लेकर तैयार किया है इस मेहंदी की साइज और मेहंदियों से ज्यादा है लाल सफेद फूलों से सजाया गया है कारीगरों ने फूल को ऐसा लगाया है फूल नहीं मानो जैसे नगीना जडा गया हो मेहंदी उठने से पहले गौस माली को इनाम मिलने लगे थे इसी से पता चलता है की मेहंदी कितनी खूबसूरत बनाई गई है। देर रात या अली या हुसैन के बुलंद नारे लगाते हैं और नौजवानों में...