मासूम अली असगर का चांदी का झूला बड़े अदब एहतराम अकीदत के साथ उठाया गया
मासूम अली असगर का चांदी का झूला बड़े अदब एहतराम अकीदत के साथ उठाया गया
*खूने जिगरे फातिमा असगर का झूला है*
*यह झूला है हुसैन का हैदर का झूला है*
*कंधा लगाओ इसमें अकीत से दोस्तों*
*निकला रसूले पाक के दिलबर का झूला है*
*मासूम सकीना के आंसू जैनब का कुतबा बोलेगा*
*कासिम के हाथों की मेहंदी असगर का झूला बोलेगा*
प्रयागराज मासूम अली असगर का ऐतिहासिक झूला चक रौजा से उठा, जिसे फूलों से सजाया गया है गौस माली ने अपनी कारीगरी से झूले में फूलों से खूबसूरती कोनिखारा है चांदी के झूले के साथ सोने का पंजा भी लगाया गया । यह जुलूस बहादुरगंज, जी.टी. रोड, बतासा मंडी, गुड़ मंडी, लोकनाथ, कोतवाली, बजाजा पट्टी, घंटाघर, सब्जी मंडी और गढ़ी सराय होते हुए अपने कदीमी रास्ते तय करता हुआ मासूम अली असगर के इमामबाड़े पर रखा गया।
इस ऐतिहासिक झूले की जियारत के लिए शिया, सुन्नी, हिंदू और मुस्लिम समाज के लाखों...









