*हुसैन के चाहने वालों को जियारत के लिए उठाया गया बड़े ताजिया का अलम
*हुसैन के चाहने वालों को जियारत के लिए उठाया गया बड़े ताजिया का अलम*
प्रयागराज माहे मोहर्रम की 2 तारीख को बड़े ताजिया का अलम उठाया गया ईशा की नमाज के बाद फतिया हुई नगाड़ा बजाया गया या अली या हुसैन के साथ अलम उठ जाता है बड़े ताजिया से अलम उठकर जॉनसेन गंज चौराहा पहुंचता है बनारस से आए हुए शहनाई वादक ने मतिमी धुन बजाया सभी की आंखें नम हो गई वाराणसी से आए हुए ढोल ताशा पार्टी ने अपने करतब दिखाये एवंन उस बैंड पर नोहा पढ़ा गया जिसका रिहर्सल महीनो से हो रहा था जो माहौल को और भी गमगीन बना रहा था।अलम पर औरतें फूल माला चढ़कर मन्नते मांग रही थी बच्चों को बोशा कराया जा रहा था शहर उत्तरी के लोकप्रिय विधायक हर्षवर्धन बाजपेई भी अलम में शामिल हुए उन्होंने कहा हुसैन सबके हैं उनकी शहादत को सभी को अपने जीवन में उतरना चाहिए बच्चे ई रिक्शा से सवार होकर या अली या हुसैन का नारा बुलंद कर रहे थे हुसैन के चाहने ...









