मुविवि में महादेवी वर्मा के साहित्य में मानवीय संवेदना पर व्याख्यान का आयोजन
मुविवि में महादेवी वर्मा के साहित्य में मानवीय संवेदना पर व्याख्यान का आयोजन
प्रयागराज
कुलदीप शुक्ला की रिपोर्ट
सजल वेदना है महादेवी के काव्य में - प्रोफेसर सरोज सिंह
महादेवी वर्मा करुणा और वेदना की कवियत्री हैं। उनका संपूर्ण साहित्य काव्य और गद्य में विभक्त है। मानवीयता तो उनके साहित्य में कूट-कूट कर भरी है। गद्य में वह सशक्त भारतीय स्त्री का प्रतिनिधित्व करती हैं तो वहीं उनके काव्य में सजल वेदना का दर्शन होता है।
उक्त उद्गार प्रोफेसर सरोज सिंह, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, सी एम पी पीजी कॉलेज ने बुधवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में व्यक्त किए। प्रोफेसर सिंह महादेवी वर्मा के साहित्य में मानवीय संवेदना विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में व्याख्यान दे रही थीं।
उन्होंने कहा कि महादेवी वर्मा छायावाद का प्रमुख स्तंभ रही हैं। उनका जीवन बौद्ध दर्शन से प्रभा...








