जनकवि-मनकवि कैलाश गौतम
जनकवि-मनकवि कैलाश गौतम
जन-कवि,मनकवि कैलाश गौतम जी की कल (09 दिसंबर2025) 19वीं पुण्यतिथि है और जन चेतना जन सरोकारों को किस तरह से जिया जाता है यह कैलाश गौतम जी की कविताओं से सीखा जा सकता है।
सुप्रसिद्ध आलोचक नामवर सिंह ने कैलाश जी के काव्य संग्रह 'सिर पर आग' के लोकार्पण के समय कहा था कैलाश गौतम जैसी भाषा तो भवानी प्रसाद मिश्र के यहां भी नहीं दिखाई देती है और जिस तरह से कैलाश गौतम अपनी कविताओं में भाषा और जन सरोकारों को जीते हैं वह अद्भुत है अप्रतिम है।
प्रसिद्ध आलोचक प्रोफेसर दूधनाथ सिंह कैलाश गौतम को जमात से बाहर का कवि बताते हुए कहा था कि कैलाश गौतम किसी सांचे ढांचे में फिट ही नहीं हो सकते वह अलबेले हैं।
प्रसिद्ध कवि एवं संपादक धर्मवीर भारती जी ने कैलाश गौतम को गीतों की चेतना का कवि कहा था।
सुप्रसिद्ध कवि श्री नरेश मेहता ने कैलाश जी को लोक सरोकारों का एवं मुहावरों और ...









